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सर्द इश्क़…

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रंग कई रूप कई
रोज़ कोई कहानी नई।

दिन वही रात वही
ज़िंदगी वही तारीख़ नई।

शख़्स वही प्यार वही
कहाँ से दूँ दलीलें नई?

उन्नीस वही बीस वही
उन्नीस-बीस की बात नई।

गर्मी वही सर्दी वही
सर्द इश्क़ में गर्मी नई।

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