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अभी बाकी है …………….

तुम पर पड़ी मेरी नज़र न जाने कैसी कि
दिल में इक हुयी जो हलचल अभी बाकी है ।

तेरी उँगलियाँ मेरी उँगलियों से लिपटी ऐसे कि
मेरे हाथों को मिली वो कैद अभी बाकी है ।

तेरे आंखों की गहराई में डूबे ऐसे कि
मेरी आँखों में जगी वो चमक अभी बाकी है ।

मुझको गले से लगाया जो तूने ऐसे कि
मेरे बदन पे तेरी वो खुशबू अभी बाकी है । 

तेरी सांसों में हम उलझे इस कदर कि
मुझपे चढ़ा वो खुमार अभी बाकी है ।

तेरे होठों ने मेरे होठों को छुवा ऐसे कि
मेरे होठों पर वो मिठास अभी बाकी  है ।

तेरा इस तरह स्पर्श करना मुझे कि
मेरे तन–मन में उठी वो लहर अभी बाकी है ।

इन जुल्फों की छाँव में बिताये कुछ पल कि
मेरी रूह को मिली वो ठण्ड अभी बाकी है ।

बीता वो पल और मुझ को छोड़ कर जाना तेरा कि
मेरे दिल में उठी वो तड़प अभी बाकी है ।

मेरे जीवन में बनकर ख़ुशी तुम आये ऐसे कि
बन रहीं वो नयी कहानी अभी बाकी है …………….

Author:

Writer, cook, blogger, and photographer...... yesssss okkkkkk I am an Engineer too :)👨‍🎓 M.tech in machine and drives. 🖥 M.A. in Hindi 😊 ✍️ I love machines, they run the world. Specialist in linear induction machine. Alumni of IIT BHU, Varanasi. I love Varanasi. Kashi nahi to main bhi nahi. Published two poetry book - Darpan and Hamsafar. 📚 Part of thre anthologies- Axile of thoughts, Aath dham assi and Endless shore. 📖 Living in lucknow. Native of Ayodhya. anunaadak.com, anandkanaujiya.blogspot.com

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