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अम्बेडकर जयन्ती

कुछ लिखने लायक़ बन सका, जब पढ़ने का मौक़ा मिला।
तेरे विचारों को समझने का हमको तुझसे ही मौक़ा मिला।।
सभी मनुष्य है एक समान ये बातें बातों तक ही सीमित थी।
इन बातों को मूर्त रूप करने को तेरे जैसा शिल्पकार मिला।।

विधि, अर्थ, मज़दूर, स्त्री, शोषित, स्थिति बड़ी दयनीय थी।
तेरे अतुल्य ज्ञान के योगदान से ये सारा अन्धकार दूर हआ।।
तुझको पाकर भारत रत्न भी अपना देखो गौरव वान हुआ।
नाम तेरा ही देश-विदेश में आज भारत की पहचान हुआ।।

धन्य धरा है भारत माँ की जो इसने तेरे जैसा लाल जना।
भारत को महान बनाने को जो स्वयं आधार स्तम्भ बना।।
बाबा तुझ पर मेरा लिखना, जैसे दिन में दीपक का जलना।
तेरे आदर्शों पर चल सकूँ, बस इतना मार्ग प्रशस्त करना।।

©®अम्बेडकर जयन्ती/अनुनाद/आनन्द कनौजिया/१४.०४.२०२१

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चेहरा तेरा!

चम-चम चाँदनी रात की,
कहानियाँ भी खूब बनी हैं,
चमकते चाँद की हमने
तारीफ भी खूब सुनी हैं।

देख कर चेहरा ये चमकीला
अब दुविधा बड़ी खड़ी है,
ये कुदरत लाजवाब है कि
उसकी रचना उससे बड़ी है।

चमकते चेहरे की शोखियाँ
आंखों को भाती बड़ी है,
लगती है चौंध आंखों को
जैसे किरणों की लड़ी है।

नूरानी चेहरे के कैनवास पर
रेखाएँ मुस्कान की खींच रखी है,
जुल्फों पर रोशनी की चमकीली
तितलियाँ ढ़ेरों बिठा रखी हैं।

एक चमक सूरज की जिससे
तेज धूप है, लगती लू बड़ी है,
और एक चमक तेरे चेहरे की
जिसकी छाँव में ठंडक बड़ी है।

साधारण से इस चित्र में तेरे देखो
चेहरे की आभा असाधारण बड़ी है,
करने को अभिव्यक्ति इस नूर की
कलम मेरी यात्रा को निकल पड़ी है।

©️®️चेहरा/अनुनाद/आनन्द कनौजिया/०६.०४.२०२१

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मोहब्बत!

एक तुझसे मोहब्बत की आदत क्या लगी हमें देखो…
अब तो चल-अचल हर प्राणी से मोहब्बत किये जा रहे हैं!

निहार लेते हैं रूप तेरा अब हम तो सबमें, तेरे बाद से…
बस इस तरह तुझसे अपनी मोहब्बत निभाये जा रहे हैं!

©️®️मोहब्बत/अनुनाद/आनन्द कनौजिया/०६.०४.२०२१

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रंग तेरा…

कोई तो रंग ऐसा होगा
जो भा जाए तेरे रंग को
अख्तियार कर लूँ वो रंग
एक तेरा रंग पाने को।

हजारों रंग ले लिए खुद में
तुझ संग होली मनाने को।
रंग-बिरंगा देख यहाँ सबने
मान लिया है रंगबाज़ हमें।

©️®️होली/अनुनाद/आनन्द कनौजिया/३०.०३.२०२१

Posted in CHAUPAAL (DIL SE DIL TAK), POETRY

होली हो…

रंग होली के, तेरा रंग मिले
तो होली हो!
टोली होली के, तेरा संग मिले
तो होली हो!
गाल गुलाबी लाल करूँ, गाल तेरे हों
तो होली हो!
पिचकारी साधूँ, निशाना तुम हो
तो होली हो!

रंग मेरा पहला, ख्वाहिश तेरी हो
तो होली हो!
सुबह होली की, सामने तुम हो
तो होली हो!
वर्षों की प्यास, जो आज बुझे
तो होली हो!
रंग दूँ तेरी चूनर, मैं आज धानी
तो होली हो!

तुम बचकर भागो, मैं पकड़ूँ
तो होली हो!
पकड़ रूपट्टा लूँ, तुम सकुचाओ
तो होली हो!
भर लूँ बाहों में, दिल धक से हो
तो होली हो!
प्रेम भाव ही आनन्द, ये आनंद मिले
तो होली हो!

फगुआ बयार, नशा तेरा हो
तो होली हो!
सबको अपना मन-मीत मिले
तो होली हो!
रंग से रंग यूँ मिले, ख़त्म हो भेद सभी
तो होली हो!
तेरा मेरा रंग मिल कर, रंग अनोखा हो
तो होली हो!

होली की शुभकामनाएँ🎉💐

©️®️होली/अनुनाद/आनन्द कनौजिया/२९.०३.२०२१