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शहादत

नम हैं ऑंखें सबकी इस खबर से
न जाने कितनों ने अपना साथी खोया है।

तुम सो गए सदा के लिए लेकिन
कितनों को जगाने का काम किया है।

देखो तुम्हारी शहादत ने फिर से
ठंडे पड़े खूनों में आज फिर से उबाल दिया है।

दुर्व्यवस्था और अपराध से बोझिल इस समाज में देखो,
बारूद से भरे दिलों में तुमने चिंगारी का काम किया है।

कानपुर पुलिस के शहीदों को नमन 🙏