तुम्हारे बाद
केवल
तुम्हारी याद
और कुछ नही
बस निर्वात
नीरवता
अकेलापन
आंसुओं से भरी
गमगीन
दो आंखें
खोजेंगे तुमको
तुम्हारे बाद!
Month: May 2019
सब में एक हुनर होता है!
सब में एक हुनर होता है,
जिसका अपना ही एक असर होता है।
उसकी एक मुस्कान में इतना क़हर होता है,
उस जादू पर न किसी झाड़-फूंक का असर होता है।
दिल पर लगता है जब उसके नैनों का तीर,
उस घाव पर पर न किसी दवा का असर होता है
साथ चल दे तो वही सुहाना हर सफर होता है,
हर किसी में एक हुनर होता है।
चुपचाप गुज़र जाओ….
न रुको चलते जाओ
सफर कंटीला बहुत बचते जाओ
राह दुर्गम बहुत मगर बढ़ते जाओ
देख पैरों के छाले यूँ न घबराओ
नही कोई शजर कि ठहर पाओ
मत हो दुखी कि हंसते जाओ
समय लंबा इंतजार का इसका लुत्फ उठाओ
वो देखो सामने मंजिल कि कदम जरा तेज बढ़ाओ
अब खत्म सारी अड़चने कि अब ठंड पाओ
भूलकर दर्द सारे चुपचाप गुज़र जाओ।
नदी के दो किनारे हम!
नदी के दो किनारे हम,
नज़रों में रहकर भी दूर हम।
जग जानता कि इक दूजे के हम,
फिर भी मिलने को तड़पते हम।
नदी सा चंचल मन, अधीर चितवन,
यही नियति नही हमारा मिलन।
नदी के दो किनारे हम।
तुम बिन…
रात दिन
मुस्कुराये बिन
रहे गमगीन
समय में इन
सुकूँ न चैन
क्या बताऊँ
जिया कैसे
और रहा
हालातों में किन
तुम बिन।
आओ किसी दिन
बुलाये बिन
पल रहे छिन
करो इन्हें
मुकम्मल मोमिन
लगो गले
महसूस करो
धड़कनों को इन
जीवन नीरस ये
तुम बिन।
