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सफर

सड़क अच्छे लगते हैं,
गज़ब सुकूँ मिलता है!
जब भी सफर में होता हूँ,
मैं केवल तेरे साथ होता हूँ।

©अनुनाद/आनन्द कनौजिया/२८.१०.२०२०